MSME Full Form in Hindi | Registration, Eligibility Benifits

अक्सर हम सभी लोग हमेसा सुनते रहते हैं कि MSME के लिय सरकार ने यह घोषणा किया। MSME के लिए सरकार ने वह निर्णय किया। MSME कारोबारियों की समस्या का सरकार ने समाधान किया। MSME देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देते रहते हैं।

MSME भारत की GDP में important भूमिका निभाते हैं इत्यादि ही वाक्य हमें television, radio और newspapers में दिखाई और सुनाई देते रहते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि MSME किसे कहते हैं (MSME Full Form in Hindi)

इस आर्टिकल के माध्यम में हम आपको बतायेंगे कि MSME Full Form in Hindi क्या होता है और MSME का वर्गीकरण करने वाली परिभाषा क्या है।

इस पोस्ट में क्या है ?

MSME Full Form in Hindi (एमएसएमई फुल फॉर्म)

सबसे पहले MSME Full Form in Hindi – समझ लीजिये तो आपको आगे जानने में आसानी होगी। MSME Full Form in Hindi:- Micro, Small and Medium Enterprises – माइक्रो, स्माल एंड मीडियम एंटरप्राइज होता है।

हम इसे हिन्दी में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग कहते हैं। अगर इसे आपको और आसान भाषा में समझना है कि तो MSME Full Form in Hindi को हम बिल्कुल आसान आसान भाषा में छोटे एवं मध्यम उद्योग/कारोबार कहते हैं।

MSME उद्योग स्थानीय स्तर पर किया जाने वाला उद्योग होता है। इस तरह का उद्योग कम लोगों के माध्यम से कम जगह पर भी आसानी से किया जा सकता है। MSME उद्योग मुख्य रुप से दो प्रकार का होता है।

MSME के प्रकार (Types of MSME)

1. Manufacturing Industry (विनिनिर्माण उद्योग)
2. Service Industry (सेवा उद्योग)

1. Manufacturing Industry (विनिनिर्माण उद्योग)

Manufacturing Industry में नई चीजों को बनाने यानी की निर्माण करने का कार्य किया जाता है।

एमएसएमई मैनुफैक्चरिंग उद्योग क्या होता है?
(What is MSME Manufacturing Industry)

Manufacturing अंग्रेजी भाषा का शब्द है। इसका हिन्दी में अर्थ- विनिनिर्माण होता है।

विनिनिर्माण अर्थात किसी चीज का निर्माण करना। मतलब जब किसी चीज को बनाया जाता है तो वह निर्माण के अंतर्गत आता है।

MSME के Manufacturing उद्योग के अंतर्गत विभिन्न तरह के उपयोगी products का निर्माण किया जाता है। example के तौर पर हम Bread बनाने की factory।Bread बनाने की factory MSME के Manufacturing उद्योग का स्पष्ट example है।

Bread बनाने की factory को चलाने के लिए बहुत अधिक जगह की आवश्यकता नहीं होती है। अगर कोई व्यक्ति चाहे तो जिला प्रशासन से अनुमति लेकर अपने घर में भी Bread, toast इत्यादि की factory लगा सकता है।

इस तरह आपने जाना कि MSME उद्योग के तहत Manufacturing उद्योग किसे कहते हैं। आइये अब देखते हैं कि MSME उद्योग के तहत service sector industry किसे कहते हैं।

2. Service Industry (सेवा उद्योग)

Service Industry में मुख्य रुप से सेवा प्रदान करने का कार्य किया जाता है। इसे सेवा क्षेत्र के रुप में भी जाना जाता है। इस sector में लोगों को और विभिन्न संस्थाओं को organizations देने का काम होता है।

एमएसएमई सर्विस सेक्टर उद्योग क्या होता है?
(What is MSME Service Sector Industry)

Manufacturing शब्द की तरह ही Service शब्द भी अंग्रेजी भाषा का शब्द है। सर्विस शब्द का हिन्दी में अर्थ- सेवा होता है। मतलब जब कोई व्यक्ति किसी का काम करने के बदले कोई रकम फीस के तौर पर लेता है तो उसे Service business कहते हैं।

MSME industry के तहत service industry की बात करें तो इसमें travel agency चलाने से लेकर restaurant चलाने, कर्मचारी उपलब्ध कराने तक का बिजनेस service sector के रुप में जाना जाता है।

इसे example के तौर देखना हो तो इसे इस तरह समझ सकते हैं। जब bread बनाने वाली factory bread का निर्माण कर लेती है और bread की packed हो जाती है तो अब bread को market में भेजने की बारी आती है।

तो यहां पर bread बनाने वाली factory किसी truck, tempo चलाने वाली agency से संपर्क करते हैं। bread बनाने वाली factory द्वारा माल market पहुँचाने के लिए उस agency से एक मिनी truck महीने के अनुसार हायर करते हैं।

बदले में मिनी truck के agency को bread बनाने वाली agency पैसा देती है। इस तरह आपने manufacturing के बाद service sector को भी समझ लिया।

MSME traders को केंद्र सरकार और राज्य सरकार द्वारा कई तरह से प्रोत्साहन दिया जा रहा है। Micro, Small and Medium Enterprises sector का देश के विकास में बहुत महत्वपूर्ण योगदान है।

small scale sector, क्षेत्र के योगदान को देखते हुए सरकारी बैंक के साथ ही साथ प्राइवेट क्षेत्र की non-banking financial companies (NBFC) भी कम ब्याज दर बिजनेस लोन प्रदान कर रही हैं।

एक अहम बात यह है कि सरकार द्वारा चलाई जा रही सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए उद्योग का MSME registration होना अनिवार्य होता है।

MSME के प्रकार समझने के बाद आइए अब आकार यानी साइज के हिसाब से MSME को समझते है। यह परिभाषा भी MSMED अधिनियम 2006 के अनुसार ही तय की गई है।

आपको जानकारी के लिए बता दें कि MSME Full Form in Hindiकी परिभाषा में कई मुख्य तौर पर 2 बार बदलाव किया गया है। 2006 में MSME की परिभाषा निर्धारित हुई, जो उद्योग में निवेश को लेकर थी।

इसके बाद 2018 में एक बार फिर से MSME Full Form in Hindi की परिभाषा निर्धारित हुई। 2018 में निर्धारित हुई परिभाषा का आधार उद्योग में होने वाला annual turnover था।

MSME अधिनियम 2006 के अनुसार परिभाषा

MSME Full Form in Hindi Micro, Small and Medium Enterprises को संक्षिप्त रुप में MSME कहा जाता है। 2006 में बने MSME Full Form in Hindi अधिनियम के अनुसार MSME के प्रकार का निर्धारित किये गए हैं, ये प्रकार निम्न हैं:

MSME के तहत manufacturing उद्योगों के लिए निर्धारित Definition

सूक्ष्म उद्योग की परिभाषा (Definition of micro industry): जिन उद्योग में 25 लाख रुपये तक की कीमत वाली मशीनें लगी होती थी, उन्हें MSME के अंतगर्त सूक्ष्म उद्योग यानी micro industry के नाम से जाना जाता था।

लघु उद्योग की परिभाषा (Definition of small scale industry): जिन उद्योग में 25 लाख रुपये से लेकर 5 करोड़ रुपये तक की कीमत वाली मशीनें लगी होती थी, उन्हें MSME के अंतगर्त लघु उद्योग यानी small scale industry के नाम से जाना जाता था।

मध्यम उद्योग की परिभाषा (Definition of Medium Industry): जिन उद्योग में 5 करोड़ रुपये से लेकर 50 करोड़ रुपये तक की कीमत वाली मशीनें लगी होती थी, उन्हें MSME के अंतगर्त मध्यम उद्योग यानी Medium Industry के नाम से जाना जाता था।

MSME के तहत सेवा उद्योगों के लिए निर्धारित Definition

सूक्ष्म उद्योग की परिभाषा (Definition of micro industry): जिन service industry का सेटअप करने में 25 लाख रुपये तक खर्च किया गया हो या कुल मिलाकर 25 लाख रुपया निवेश किया गया हो, उसे MSME के तहत service sectorका सूक्ष्म उद्योग कहा जाता था।

लघु उद्योग की परिभाषा (Definition of small scale industry): जिन service industry का सेटअप करने में 50लाख रुपये तक खर्च किया गया हो या कुल मिलाकर 50 लाख रुपया निवेश किया गया हो, उसे MSME के तहत service sector का लघु उद्योग यानी small scale industry कहा जाता था।

मध्यम उद्योग की परिभाषा (Definition of medium industry): जिन service industry का सेटअप करने में 5 करोड़ रुपये तक खर्च किया गया हो या कुल मिलाकर 5 करोड़ रुपया निवेश किया गया हो, उसे MSME के तहत service sector का मध्यम उद्योग यानी medium industry कहा जाता था।

MSME की परिभाषा में 2018 में बदलाव किया गया

इस परिभाषा के अतिरिक्त केंद्र सरकार द्वारा 2018 में MSME की definition को उद्योग में annual turnover के अनुसार किया गया था। सरकार का तर्क था कि अब उद्योगों को आकार के आधार पर नहीं बल्कि annual turnover के आधार पर पहचाना जाना चाहिए। 2018 में रखी गई turnover के आधार पर definition निम्न है:

  • सूक्ष्म उद्योग (Micro Industries): 5 करोड़ से कम सालाना टर्नओवर वाले उद्योग सूक्ष्म यानी स्माल उधोग कहा जाता था।
  • लघु उद्योग (Small Scale Industries): 5 करोड़ से 75 करोड़ के बीच सालाना टर्नओवर वाले उद्योग को लघु उद्योग कहा जाता था।
  • मध्यम उद्योग (Medium Industries): 75 करोड़ से 250 करोड़ के बीच सालाना टर्नओवर वाले उद्योग को मध्यम उद्योग कहा जाता था।

MSME की Definition 2020 में बदल गई है

जून 2020 में राहत घोषणा पैकेज (relief announcement package) ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान की शुरुवात करते हुए Prime Minister Shri Narendra Modi जी के निर्देशानुसार Finance Minister Smt. Nirmala Sitharaman ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों की नई परिभाषा की घोषणा की। MSME की नई Definition निम्न है:

उद्योग (Industry)नई परिभाषा (new definition)उद्योग श्रेणी (industry category)
सूक्ष्म उद्योग (micro industries)1 करोड़ तक investment और 5 करोड़ तक के turnover वाले उद्योग को सूक्ष्म उद्योग यानी micro enterprise का दर्जा दिया गया है।manufacturing और service sectors।
लघु उद्योग (small industry)10 करोड़ तक का investment और 50 करोड़ के turnover वाले Enterprises को small units (small industry) माना गया है।manufacturing और service sectors।
मध्यम उद्योग (medium industry)30 करोड़ तक का investment और 100 करोड़ के turnover वालों को medium Enterprises (medium industry) माना गया है।manufacturing और service sectors

सूक्ष्म उद्योग लिस्ट (Micro Industries List)

घर में इस्तेमाल किया जाने वाला कूलर बनानाhome cooler
टोकरी बनानाbasket making
चमड़े का बेल्ट जूता या चप्पल बनानाleather belt shoe making
जूते साफ करने की पॉलिश बनानाshoe polish
कपड़े रखने का बक्सा या अटैची बनानाstowage
प्लेट व कटोरी बनानाplate and bowl making
झाड़ू बनानाbroom making
पारम्परिक औषधियां बनानाmaking traditional medicines
पेपर बैग व लिफाफे बनानाmaking paper bags and envelopes
मसाले बनाने का कामspice making
हर्बल सामान जैसे साबुन, तेल आदि बनानाMaking herbal goods like soap, oil etc.
हाथ से बने चॉकलेट बनानाhand made chocolate
कुकी व बिस्कुट बनाना (Parle कंपनी की शुरुआत भी ऐसे ही हुई थी)Cookie and Biscuit making
देशी माखन, घी व पनीर बनाना और डिब्बा बंद कर बेचनाMaking indigenous butter, ghee and paneer and selling it in cans
मोमबत्ती व अगरबत्ती बनानाcandle making
टॉफ़ी व चीनी की मिठाई बनानाmaking toffee and sugar sweets
सोडा व अलग फ्लेवर्ड ड्रिंक बनानाmaking soda and different flavored drinks
फलों का गूदा निकालना व बेचनाFruit pulp extraction & sale
क्लाउड किचन खोलनाopen cloud kitchen
कांटेदार तार बनानाbarbed wire making
फैंसी जेवेलरी बनानाmaking fancy jewelry
डिस्पोजेबल कप-प्लेट बनानाMaking Disposable Cup-plates
एल्युमीनियम का सामान जैसे बर्तन बनानाaluminum utensils
हॉस्पिटल में उपयोग किए जाने वाला स्ट्रेचर बनानाmaking a stretcher for hospital use
करंट मापने वाला पर मीटर या वोल्ट मीटर बनानाMaking a Current Meter Per Meter or Volt Meter
गाड़ी में लगने वाली हेडलाइट बनानाcar headlight
कपड़े या चमडे का बैग बनानाmake cloth bags
बटुआ व हैंडबैग बनानाwallet and handbag making

बिजनेस को एमएसएमई में रजिस्टर्ड कैसे करते हैं
(MSME Registration in Hindi)

ऊपर बताए गए पात्रता eligibility पर जितने भी कारोबार खरे उतरते है MSME registration बहुत आसानी से हो सकता है। MSME registration के बाद सरकारी योजना का लाभ प्राप्त करने में मदद मिलती है।

MSME registration के लिए आपको MSME के अधिकारिक website पर जाना होता है। website पर जाने के बाद आप अपना कारोबार किस श्रेणी में registration करना चाहते हैं चुनकर, registration Form भरें और जरूरी documents की pdf file uploading करने के बाद Form submit कर देना होता है।

MSME Full Form in Hindi में registration कराने का एक दूसरा तरीका यह है कि आप किसी Registered Chartered Accountant (CA) या registration वकील द्वारा भी किया जा सकता है।

MSME को मिलने वाला ​​लाभ (Benefits to MSME)

  • पेमेंट प्रोटक्शन (Payment Protection)
  • टेक्नोलॉजी और गुणवत्ता में बढ़ोतरी (Technology and quality enhancement)
  • प्रोडक्ट की मार्केटिंग में सरकारी सुविधा मिलना (Getting government facility in the marketing of the product)
  • बैंक से बॉन्ड-फ्री लोन की सुविधा (Bond-free loan facility from the bank)
  • लाइसेंस रजिस्ट्रेशन पर छूट की सुविधा (Discount facility on license registration)
  • ओवरड्रफ्ट पर ब्याज दर में राहत मिलना (Relief in interest rate on overdraft)

बैंक से Bond-free लोन की सुविधा

लघु उद्योगों के लिए सरकार द्वारा Credit Guarantee Fund Scheme (CGS) शुरु किया गया है। इस योजना में नए और पुराने उद्योगों को ही जल्दी MSME बिजनेस लोन मिलता है।

license registration पर छूट की सुविधा

MSME उद्योगों license registration कराने पर 50 प्रतिशत की छूट प्रदान की जाती है।

overdraft पर ब्याज दर में राहत मिलना

बैंक द्वारा यह सुनिश्चित किया जाता है कि MSME के ​​तहत registered उद्यमों को OD (overdraft) में ब्याज पर कम से कम 1% की राहत मिले।

पेमेंट प्रोटक्शन (payment protection)

न की गई है कि MSME registered industries का बिजनेस लोन पास होने के बाद बैंक द्वारा पेमेंट में किसी भी तरह की देरी होने पर चक्रवृद्धि ब्याज अनुसार उद्योगों को ब्याज मिलेगा।

टेक्नोलॉजी और गुणवत्ता में बढ़ोतरी
(Technology and quality enhancement)

MSME registered industries के लिए भारत सरकार स्वच्छ ऊर्जा को लागू कर रही है। प्रोडक्ट के बेहतर गुणवत्ता के लिए quality बढ़ाने पर कार्य किया जा रहा है।

product की marketing में सरकारी सुविधा मिलना

भारतीय product को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए केन्द्रीय सरकार प्रयास कर रही है। उद्योगों को अपने product की marketing और branding करने के लिए सरकार द्वारा आर्थिक और माध्यमगत सहायता दी जा रही है।

क्या भारत में MSME लोन मिलता है?

बिल्कुल हां है। हमारे देश में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों के लिए MSME लोन प्रदान किया जाता है। लोन पाने के लिए उद्योग आधार की website से आवेदन करना होता है।

MSME-Full-Form-in-Hindi

MSME के बारें में महत्वपूर्ण तथ्य

  • MSME Full Form in Hindi को भारतीय अर्थव्यवस्था का बैक बोन यानी रीढ़ कहा जाता है।
  • एमएसएमई का देश के विकाश में योगदान को इसी बात से समझा जा सकता है
  • बिजनेस का सालाना टर्नओवर कम से कम 10 लाख से अधिक का होना चाहिए।
  • पिछले साल भरी गई ITR डेढ़ लाख रुपये की हो या इससे अधिक की होनी चाहिए।
  • घर या बिजनेस की जगह में से कोई एक खुद के नाम पर होना चाहिए।
    ZipLoan से बिजनेस लोन लेने के कई फायदे है
  • बिजनेस लोन की रकम अप्लाई करने के सिर्फ 3 दिन* के भीतर मिल जाती है।
  • लोन घर बैठे ऑनलाइन अप्लाई किया जा सकता है।
  • बिजनेस लोन की रकम 6 महीने बाद प्री पेमेंट फ्री है।
  • लोन की रकम 12 से लेकर 26 महीने के बीच वापस कर सकते है।
    MSME लोन के लिए अप्लाई करें
  • कि MSME देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में लगभग 29 फीसदी का योगदान अकेला है।
  • यह देश में रोजगार सृजन का बहुत बड़ा माध्यम है।
  • एक अनुमान के अनुसार एमएसएमई के करीब – करीब 12 करोड़ लोगों को प्रत्यक्ष – अ-प्रत्यक्ष रुप से रोजगार मिला हुआ है।
  • एमएसएमई के विकास के लिए सरकार भी प्रयासरत है। इसी लिए पीएम मुद्रा योजना और उद्योग आधार योजना चलाई जा रही हैं।
  • ZipLoan से बिजनेस लोन पाने की शर्ते बहुत कम हैं
  • बिजनेस कम से कम 2 साल पुराना हो।

MSME Registration क्या है?

MSME Full Form in Hindi जैसे किसी बच्चे का नाम स्कूल में लिखवाया जाता है, ठीक उसी प्रकार से किसी उद्योग का नाम MSME विभाग में लिखवाया जाता है, इसे ही MSME Registration कहते हैं।

एक तरह यह कह सकते हैं कि उद्योग के मालिक सरकार को यह जानकारी देते हैं कि वह किस चीज का उद्योग चला रहे हैं। इसके लिए एक online portal बनाया गया है। जिसका नाम MSME Registration portal है।

MSME Registration online portal सरकार ने नए छोटे और मध्यम व्यापार मालिकों के लिए शुरू किया है, जो आपके आधार कार्ड नंबर की सहायता से आपको अपना व्यवसाय Registration करने में मदद कर सकते हैं।

MSME का क्या अर्थ है?

आम भाषा में कहें तो MSME Full Form in Hindi का अर्थ छोटे और मध्यम स्तर के उद्योग क्षेत्र को कहते हैं। सरकारी भाषा में MSME Full Form in Hindi का मतलब सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम है। MSME sector देश के Gross Domestic Product (GDP) में लगभग 29 फीसदी का योगदान करते हैं।

MSME sector देश में रोजगार का सबसे बड़ा जरिया है। Indian Industries Association (Lucknow Chapter) के कार्यकारी निदेशक DS Verma बताते हैं कि करीब 12 करोड़ से अधिक लोगों की रोटी MSME sector पर निर्भर है।

MSME registered industries के लिए भारत सरकार स्वच्छ ऊर्जा को लागू कर रही है। प्रोडक्ट के बेहतर गुणवत्ता के लिए quality बढ़ाने पर कार्य किया जा रहा है। product की marketing में सरकारी सुविधा मिलना

भारतीय product को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए केन्द्रीय सरकार प्रयास कर रही है। उद्योगों को अपने product की marketing और branding करने के लिए सरकार द्वारा आर्थिक और माध्यमगत सहायता दी जा रही है।

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MSME Full Form in Hindi:- अगर आपने MSME Full Form in Hindi को यहाँ तक पढ़ा है तो मुझे पूरी तरह उम्मीद है की आपको MSME Full Form in Hindi, एवं MSME Full Form in Hindi के प्रकार अच्छी तरह से समझ में आ गया होगा| इस Artical में अगर आपको कोई भी Problem हो तो हमें Comment के माध्यम से पूछ सकते है | अगर आपको यह Articalअच्छा लगा तो अपने दोस्तों के साथ शेयर करे MSME Full Form in Hindi

Do hospitals come under MSME?

A. No. MSME Covers Only Manufacturing And Service Industries.

Who is eligible for MSME?

The MSME Enterprise Should Be In Business For Over A Year And Its Annual Turnover Should Be Greater Than INR 24 Lakhs. The Documentation Required For Loan Eligibility Includes KYC Documents, A Business Registration Certificate And The Current Account Statement For The Last 6 Months.

What is an MSME example?

Inclusive Growth: MSMEs Promote Inclusive Growth By Providing Employment Opportunities In Rural Areas Especially To People Belonging To Weaker Sections Of The Society. For Example, Khadi And Village Industries Require Low Per Capita Investment And Employ A Large Number Of Women In Rural Areas.

What are the disadvantages of MSME?

Challenges To MSME
Absence Of Adequate And Timely Banking Finance.
Limited Capital And Knowledge.
Non-Availability Of Suitable Technology.
Low Production Capacity.
Ineffective Marketing Strategy.
Constraints On Modernization & Expansions.
Non-Availability Of Skilled Labor At Affordable Cost.

What is an MSME essay?

The Government Of India Has Introduced MSME Or Micro, Small, And Medium Enterprises In Agreement With Micro, Small And Medium Enterprises Development (MSMED) Act Of 2006. These Enterprises Primarily Engaged In The Production, Manufacturing, Processing, Or Preservation Of Goods And Commodities.

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