सरकार की पर्वतमाला योजना-आम बजट 2022 | Parwat Mala Yojna

हेलो दोस्तों आपका स्वागत है हमारे ब्लॉग Examenglishhindi.Com में आज के इस आर्टिकल में हम पढ़ेगे की सरकार की पर्वतमाला योजना-आम बजट 2022 | Parwat Mala Yojna Budget-2022, हाल ही में घोषित ‘पर्वत माला’ (Parvat Mala) योजना का उद्देश्य क्या है?, उत्तराखंड के बेहद खास है PM मोदी का ‘पर्वतमाला प्रोजेक्ट’, तथा इनसे जुड़ी सभी जानकारी के बारे में तो चलिए सुरु करते है –

हाल ही में घोषित ‘पर्वत माला’ (Parvat Mala) योजना का उद्देश्य क्या है?

केंद्रीय बजट ने ‘पर्वत माला’ या राष्ट्रीय रोपवे विकास कार्यक्रम (National Ropeways Development Programme) नामक एक नई योजना की घोषणा की। यह योजना Himachal Pradesh, Uttarakhand, Jammu and Kashmir और North East जैसे क्षेत्रों के लिए शुरू की जाएगी ताकि पहाड़ियों में परिवहन और connectivity की एक आधुनिक प्रणाली की सुविधा मिल सके।

उत्तराखंड के बेहद खास है PM मोदी का ‘पर्वतमाला प्रोजेक्ट’, पर्वतमाला योजना से पहाड़ी राज्यों में ट्रांसपोर्टेशन के आधुनिक साधनों की व्यवस्था की जाएगी, ताकि यातायात सेवाएं बेहतर हो सकें।

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Union Finance Minister Nirmala Sitharaman) ने मंगलवार को अपना चौथा बजट पेश किया. आम बजट 2022 में बताया गया कि 60 किलोमीटर लंबी 8 रोप-वे परियोजनाओं को लागू किया जाएगा.

वहीं, बजट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि देश में पहली बार ऐसा हो रहा है कि पहाड़ी राज्यों के लिए पर्वतमाला स्कीम (Parwat Mala Yojna) की शुरुआत हो रही है.

इससे इन राज्यों में modern transportation system, connectivity का आधारभूत ढांचा बनेगा और सीमावर्ती गांव सुदृढ़ होंगे.

देहरादून:

केंद्र की मदद से उत्तराखंड में कई बड़ी परियोजनाएं धरातल पर उतर रही हैं।

अब केंद्रीय बजट-2022 में ‘पर्वतमाला प्रोजेक्ट’ का ऐलान किया गया है, जिससे उत्तराखंड में वर्षों से अटके रोपवे परियोजनाओं की राह खुल गई है।

पर्वतमाला योजना से पहाड़ी राज्यों में ट्रांसपोर्टेशन के आधुनिक साधनों की व्यवस्था की जाएगी, ताकि ट्रांसपोर्टेशन आसान हो सके।

शिमला:

मंगलवार 1 February को पेश हुए केंद्रीय बजट में हिमाचल के लिहाज से एक और महत्वपूर्ण योजना का ऐलान हुआ है. इस योजना का नाम है पर्वतमाला योजना (Parwat Mala Yojna).

केंद्र सरकार की पर्वतमाला योजना का उद्देश्य पहाड़ी राज्यों में ट्रांसपोर्टेशन के आधुनिक साधनों की व्यवस्था करना है. इस योजना के अंतर्गत हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, नॉर्थ ईस्ट के राज्यों को शामिल किया गया है.

बजट 2022-23 में क्या है

अपने बजट भाषण में Finance Minister Nirmala Sitharaman ने कहा कि पहाड़ी राज्यों में Connectivity बढ़ाने के लिए PPP Mode पर Ropeway का निर्माण होगा.

इस तरह की आधुनिक परिवहन सुविधाएं ऐसी भीड़-भाड़ या दुर्गम इलाकों में कारगर सिद्ध होंगी जहां अन्य या परंपरागत परिवहन सुविधाएं उपयोग में नहीं लाई जा सकती.

Parwat Mala Yojna पर PM Modi की प्रतिक्रिया.Nirmala Sitharaman ने साल 2022-23 में 60 किलोमीटर के 8 Rope-Way Projects का Announced किया.

हालांकि ये Projects किन राज्यों में कहां-कहां लगेंगे, इनका जिक्र अभी नहीं किया गया है. नेशनल रोपवे डेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत पीपीपी मोड के जरिये इस तरह के प्रोजेक्ट का निर्माण होगा.

पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

Himachal जैसे पहाड़ी राज्य जहां पर्यटन (Tourism in Himachal) राज्य की आर्थिकी का मुख्य जरिया है, वहां इस तरह के प्रोजेक्ट खासकर Rope-Way Projects की अहम भूमिका है.

शिमला से लेकर धर्मशाला तक बने रोप-वे प्रोजेक्ट (Ropeway Project in Himachal) कनेक्टिविटी का अच्छा जरिया हैं. जिससे पर्यटकों को भी सुविधा होती है.

रोजगार को बढ़ावा

इस तरह के प्रोजेक्ट लगने और फिर पर्यटन क्षेत्र को बल मिलने से रोजगार को भी बढ़ावा मिलता है.

हिमाचल प्रदेश में पर्यटन और इससे जुड़े कारोबार से कई लोग जुड़े हैं.13 रोप-वे को मिली है मंजूरी- बीते दिनों प्रदेश में 13 नए रोप-वे के निर्माण को मंजूरी मिली है.

जिनपर 5644 करोड़ रुपये की लागत आएगी. करीब 111 किलोमीटर के इन 13 Ropeways का निर्माण Shimla, Kullu, Manali, Dharamsala, Palampur, Chamba, Bilaspur और Solan में किया जाएगा. प्रदेश में फिलहाल 4 Ropeways हैं.

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