Tissue in hindi | Animal Tissue and Types

आप सब यहाँ ऊतक क्या है Tissue in hindi | का Branches और Tissue in hindi के सभी Definition के बारें में पढ़ सकते हैं।आज हम आपको अपनी इस पोस्ट के माध्यम से अंग्रेजी के | Tissue in hindi का Branches और के सभी भाग के बारे में संपूर्ण जानकारी Hindi में आपको प्रदान करेंगे।

इस पोस्ट में हम Tissue in hindi है | को समझाने के लिए Tissue in hindi की परिभाषा के माध्यम से और Tissue in hindi | का Branches और जो कि hindi में हैं इनकी सहायता से आपको समझाने का भरपूर प्रयास करेंगे।

इसके पश्चात अगर आपको Tissue in hindi का Branches एवम इनके सभी प्रकार को आपके समक्ष रखेंगे जिससे हम आपको स्वयं को अवलोकन करने का एक अवसर प्रदान किया है।

आशा करता हूं कि यह सब करने के पश्चात आपको यह Tissue in hindi का Branches बहुत ही अच्छे से समझ आ जाएगा।

यही आशा करता हूं कि इस पोस्ट को पढ़ने के बाद आप सब ऊतक क्या है Tissue in hindi का Branches को इंग्लिश में सही तरीके से समझ भी पाएंगे।

ऊतक क्या है (What is Tissue)

ऊतक (tissue) किसी जीव के शरीर में कोशिकाओं के समूह को ऊतक कहते हैं जिनकी उत्पत्ति एक समान हो तथा वे एक विशेष कार्य करती हो। अधिकांशतः ऊतकों का आकार एवं आकृति एक समान होती है। परन्तु कभी-कभी कुछ उतकों के आकार एवं आकृति में असमानता पाई जाती है, किन्तु उनकी उत्पत्ति एवं कार्य समान ही होते हैं। कोशिकाएँ मिलकर ऊतक का निर्माण करती हैं। ऊतक में समान संरचना और कार्य होते हैं

कोशिकाओं का वह समूह जिनकी उत्पत्ति, संरचना एवं कार्य समान हो, ऊतक (Tissue) कहलाता है। ऊतकों का अध्ययन हिस्टोलोज़ी या औतकीय में किया जाता है। ये जंतु एवं वनस्पति में भिन्न-भिन्न प्रकार के होते है।

ऊतक के अध्ययन को ऊतक विज्ञान (Histology) के रूप में जाना जाता है।

जंतु-ऊतक ( Animal Tissue)

जन्तुओं के ऊतक पादपों के ऊतक से पूर्णत: भिन्न होते हैं. और इनका कार्य भी भिन्न प्रकार से होता है। जन्तुओं में कुछ कार्य पादपों से अतिरिक्त होते हैं, जैसे प्रचलन (Locomotion) तंत्रिकीय नियंत्रण (Nervous control) आदि।

जंतु-ऊतक कितने प्रकार के होते है
(What are the Types of Animal Tissue)

जंतु-ऊतक पाँच प्रकार के होते है

(1) इपीथीलियल ऊतक (Ephithillial Tissue)
(2) पेशीय ऊतक (Muscular Tissue)
(3) संयोजी ऊतक (Connective Tissue)
(4) ऊतक (Nervous Tissue)
(5) जनन ऊतक (Reproductive Tissue)

इपीथीलियल ऊतक (Ephithillial Tissue)

(Tissue in hindi)यह मुख्यता अंगों के वाह्य एवं आन्तरिक सतह पर पाए जाते है। ये कुछ स्रावित ग्रन्थियां (Secratory Gland) जैसे- दुग्ध ग्रन्थियां (Mammalary Gland), स्वेद् ग्रन्थियां (Sweat Glands – पसीने की ग्रन्थियां) आदि में भी पाए जाते है।

इसे उपकला ऊतक भी कहते है

यह ऊतक शरीर को बाहर से ढँकता है तथा समस्त खोखले अंगों को भीतर से भी ढँकता है। रुधिरवाहिनियों के भीतर ऐसा ही ऊतक, जिसे अंत:स्तर कहते हैं, रहता है। उपकला का मुख्य कार्य रक्षण, शोषण एवं स्त्राव का है। उपकला के निम्न प्रकार हे

  • साधारण
  • स्तंभाकार
  • रोमश
  • स्तरित
  • परिवर्तनशील
  • रंजककणकित

पेशीय ऊतक (Muscular Tissue)

(Tissue in hindi) ये मुख्यता मांसल भागों एवं खोखले अंगों की दीवारों का निर्माण करते है। ये अंगों के आन्तरिक भाग में पाये जाते है। जैसे – ह्रदय (Heart) ऊतक, यकृत (Liver) ऊतक, वृक्क (Kidney) ऊतक आदि।

इसमें लाल पेशी तंतु रहते हैं, जो संकुचित होने की शक्ति रखते हैं। पेशी उत्तक भिन्न-भिन्न तन्तुओ से संचीत हुआ है, जिस में आन्तरीक-कोष अंतराल की कमी होती है।

रेखांकित या ऐच्छिक पेशी ऊतक वह है जो शरीर को सुक्ष्म प्रकार की गतियां कराता है, कंकाल पेशी का एकम ‘ कोष तंतु ‘ है। हर कोष तंतु पतला, लंबा और अनेक कोष-केन्द्रीत होता है। अगर उच्च कक्षा के जीवो का शरीर रचना विज्ञान (Animal Anatomy) परीक्षण कीया जाने पर वे गठरी (Bundles) में पाए जाते है।
अनैच्छिक या अरेखांकित पेशी ऊतक वह है जो आशयों की दीवार बनाता है तथा हृत् पेशी (cardiac muscle) ऊतक रेखांकित तो है, परंतु ऐच्छिक नहीं है।

संयोजी ऊतक (Connective Tissue)

(Tissue in hindi) ये 2 या 2 से अधिक ऊतकों को जोड़ने का कार्य करते है। जैसे – रक्त ऊतक, लिगामेन्ट (Ligament), कार्टिलेज (Cartilage), आदि।

यह ऊतक एक अंग को दूसरे अंग से जोड़ने का काम करता है। यह प्रत्येक अंग में पाया जाता है। इसके अंतर्गत

(क) रुधिर ऊतक,
(ख) अस्थि ऊतक,
(ग) लस ऊतक तथा
(घ) वसा ऊतक आते हैं।

रुधिर ऊतक के, लाल रुधिरकणिका तथा श्वेत रुधिरकणिका, दो भाग होते हैं। लाल रुधिरकणिका ऑक्सीजन का आदान प्रदान करती है तथा श्वेत रुधिरकणिका रोगों से शरीर की रक्षा करती है। मानव की लाल रुधिरकोशिका में न्यूक्लियस नहीं रहता है।

अस्थि ऊतक का निर्माण अस्थिकोशिका से, जो चूना एवं फ़ॉस्फ़ोरस से पूरित रहती है, होता है। इसकी गणना हम स्केलेरस ऊतक में करेंगे,

(Tissue in hindi) लस ऊतक लसकोशिकाओं से निर्मित है। इसी से लसपर्व तथा टॉन्सिल आदि निर्मित हैं। यह ऊतक शरीर का रक्षक है। आघात तथा उपसर्ग के तुरंत बाद लसपर्व शोथयुक्त हो जाते हैं।

वसा ऊतक दो प्रकार के होते हैं
1. एरिओलर (Ariolar)
2. एडिपोस (Adipos)

इनके अतिरिक्त
1. पीत इलैस्टिक ऊतक
2. म्युकाइड ऊतक
3. रंजक कणकित संयोजी ऊतक
4. न्युराग्लिया

आदि भी संयोजी ऊतक के कार्य, आकार, स्थान के अनुसार भेद हैं।

विभिन्न प्रकार के संयोजी उत्तक
(Different Types of Connective Tissue)

(Tissue in hindi) संयोजी उत्तक रेशेदार उत्तक होते हैं। प्राणियों के संयोजी उत्तकों का मुख्य घटक कोलेजन (Collagen) नामक प्रोटीन होता है।

संयोजी ऊतक (अंग्रेजी:Connective Tissue) मानव शरीर में एक अंग को दूसरे अंग से जोड़ने का कार्य करता है। यह प्रत्येक अंग में पाया जाता है। यह ऊतकों का एक विस्तृत समूह है। संयोजी ऊतकों का विशिष्ट कार्य संयोजन करना, अंगों को आच्छदित करना तथा उन्हें सही स्थान पर रखना है।

संयोजी ऊतक शरीर को एक ढांचा प्रदान करते हैं। इनमें कोशिकाएं उपकला कोशिकाओं की भाँति बहुत अधिक चिपकी हुई नहीं होतीं, बल्कि एक-दूसरे से काफ़ी अलग-अलग रहती हैं। इनके बीच के स्थान में अन्तर्कोशिकीय पदार्थ भरा रहता है, जिसे ‘मैट्रिक्स’ कहते है। यह पदार्थ रेशेदार दिखाई देता है।

इन ऊतकों की कोशिकाएं अलग-अलग आकार और रूप-रंग की होती हैं। यद्यपि सबके संयोजी कार्य में समानता होती है। वास्तव में संयोजी ऊतक आद्य कोशिकाओं से पैदा होते हैं और इन्हें ‘मीजेनकाइमल कोशिकाएं’ कहा जाता है।

संयोजी ऊतक कई प्रकार के होते हैं, जैसे

1. अवकाशी ऊतक (Areolar Tissue)
2. वसीय ऊतक (Adipose Tissue)
3. श्वेत सौत्रिक या तन्तुमय ऊतक (White Fibrous Tissue)
4. अस्ति ऊतक (Beone or Osseous Tissue)
5. लसीकाभ ऊतक (Lymphoid Tissue)
6. श्लेष्माभ ऊतक (Mucoid Tissue)
7. पीत प्रत्यास्थ ऊतक (Yellow Elastic Tissue)
8. जालीदार ऊतक (Reticular Tissue)
9. रक्त उत्पादक ऊतक (Haemopoietic Tissue)
10. उपास्थि (Cartilage)

तंत्रिका ऊतक (Nervous Tissues)

(Tissue in hindi) इसमें संवेदनाग्रहण, चालन आदि के गुण होते हैं। इसमें तंत्रिका कोशिका तथा न्यूराग्लिया रहता है। मस्तिष्क के धूसर भाग में ये कोशिकाएँ रहती हैं तथा श्वेत भाग में न्यूराग्लिया रहता है। कोशिकाओं से ऐक्सोन तथा डेंड्रॉन नाक प्रर्वध निकलते हैं। नाना प्रकार के ऊतक मिलकर शरीर के विभिन्न अंगों (organs) का निर्माण करते हैं। एक प्रकार के कार्य करनेवाले विभिन्न अंग मिलकर एक तंत्र (system) का निर्माण करते हैं।

तन्त्रिका ऊतक की इकाई न्यूरान (Neuron) कहलाती है। तन्त्रिका ऊतक का मुख्य कार्य संवेदनाओं (Sensations) को ग्रहण कर मस्तिष्क तक पहुँचाना तथा मस्तिष्क द्वारा दिये गये आदेश को अभीष्ट अंग तक पहुँचाना होता है जो कि ‘न्यूरान्स’ (Neurons) के माध्यम से करता है। संवेदनाओं का चालन केमिको मैग्नेटिक वेव’ के रूप में होता है। इस केमिकल (रासायनिक पदार्थ) का नाम एसिटिलकोलीन (Acetylcholin) है।

जनन ऊतक (Reproductive Tissue)

(Tissue in hindi) ये जनन कोशिकाओं में पाये जाते हैं जो नर में ‘स्पर्म’ (Sperm) एवं मादा में ‘ओवा’ (Ova) का निर्माण करते हैं।

जंतुओं के शरीर में पाए जाने वाले ऊतकों को निम्न श्रेणियों में बाँटा गया है- उपकला ऊतक, संयोजी ऊतक, पेशी ऊतक एवं तंत्रिका ऊतक

  • जंतुओं की बाहरी, भीतरी या स्वतंत्र सतहों पर उपकला ऊतक (Epithelial Tissue) पाये जाते हैं।
  • उपकला ऊतक में रुधिर कोशिकाओं का अभाव होता है तथा इनकी कोशिकाओं में पोषण विकसरण (Diffusion) विधि से लसीका द्वारा होता हैं
  • उपकला ऊतक त्वचा की बाह्य सतह, हृदय, फेफड़ा एवं वृक्क के चारों ओर तथा जनन ग्रंथियों की दीवार (wall) पर पाये जाते हैं।
  • उपकला ऊतक शरीर के आंतरिक भागों को सुरक्षा प्रदान करता है।
  • शरीर के सभी अंगों एवं अन्य ऊतकों को अपास में जोड़ने वाला ऊतक संयोजी ऊतक (Connective Tissue) कहलाता है।
  • संयोजी ऊतकों का प्रमुख कार्य शरीर के तापक्रम को नियंत्रित करना तथा मृत कोशिकाओं को नष्ट कर ऊतकों को नवीन कोशिकाओं की आपूर्ति करना है।
  • रुधिर एवं लसीका जैसे तरल ऊतक (Fluid tissue) संवहन में सहायक है।
  • शरीर की सभी ‘पेशियों का निर्माण करने वाला ऊतक पेशी ऊतक (Muscle Tissue) कहलाता है।
  • पेशी ऊतक अरेखित (Unstriped), रेखित (Striped) तथा हृदयक (Cardiac) जैसे तीन प्रकारों में बँटे हुए हैं
  • अनैच्छिक रूप से गति करने वाले अंगों आहार नाल, मलाशय, मूत्राशय, रक्त वाहिनियाँ आदि में अरेखित ऊतक पाये जाते हैं।
  • अरेखित पेशियाँ उन सभी अंगों की गतियों को नियंत्रित करती हैं जो स्वयं गति करती हैं।
  • रेखित पेशियाँ शरीर के उन भागों में पायी जाती हैं, जो इच्छानुसार गति करती हैं।
  • प्रायः इन पेशियों के एक या दोनों सिरे रूपांतरित होकर टेण्डन के रूप में अस्थियों से जुड़े होते हैं।
  • हृदयक पेशी केवल हृदय की दीवारों में पायी जाती हैं। हृदय की गति इन्हीं पेशियों की वजह से होती है।
  • मानव शरीर में कुल 639 मांस-पेशियाँ पायी जाती हैं। ग्लूटियस मैक्सीमस (कूल्हे की मांसपेशी) मानव शरीर की सबसे बड़ी तथा स्टैपिडियस सबसे छोटी मांसपेशी हैं जंतुओं में तंत्रिका तंत्र का निर्माण तंत्रिका उत्तक (Nervous Tissue) द्वारा होता है। तंत्रिका उत्तक न्यूरॉन्स एवं न्यूरोग्लिया जैसे दो विशिष्ट प्रकार की कोशिकाओं द्वारा निर्मित होते हैं।(Tissue in hindi)
  • तंत्रिका उत्तक शरीर में होने वाली सभी प्रकार की अनैच्छिक एवं ऐच्छिक क्रियाओं को नियंत्रित करती हैं।

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ऊतक क्या है (Tissue in hindi)  हमें जीवन का ज्ञान देता है और हमें यह जानने में भी मदद करता है कि हम अपनी संप्रभुता को बनाए रखने के लिए पृथ्वी पर कैसे रहें।

आज की पोस्ट में, आपने सीखा है कि ऊतक क्या है (Tissue in hindi), साथ ही ऊतक क्या है की विभिन्न शाखाएँ (Branches of Tissue in hindi), इसका महत्व, दायरा आदि। आशा है कि आप सभी को यह लेख पसंद आया होगा। आपसे अनुरोध है; कृपया इस लेख को साझा करें ताकि यह अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सके। मुझे आपके समर्थन की प्रतीक्षा है ताकि मैं और अधिक नए लेख लिख सकूं।

ऊतक क्या है (Tissue in hindi) | :- आशा करता हूं कि हमारे द्वारा डाली गई यह पोस्ट जो किऊतक क्या है (Tissue in hindi) को स्पष्ट रुप से बताने के लिए डाली गई है, आपको पढ़ने के बाद अच्छी लगी होगी।

जिससे आप को समझने में आसानी हो और आपको ऊतक क्या है (Tissue in hindi) को समझने में किसी भी प्रकार की परेशानी आ रही है तो नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स के माध्यम से आप उस समस्या को हमसे पूछ सकते हैं।

Exam English Hindi FAQs & Trivia

उत्तक द्रव्य क्या है?

कोशिका मे कोशिका झिल्ली के अंदर केन्द्रक को छोड़कर सम्पूर्ण पदार्थों को कोशिकाद्रव्य (Cytoplasm) कहते हैं। यह सभी कोशिकाओं में पाया जाता है तथा कोशिका झिल्ली के अंदर तथा केन्द्रक झिल्ली के बाहर रहता है। यह रवेदार, जेलीनुमा, अर्धतरल पदार्थ है। यह पारदर्शी एवं चिपचिपा होता है।

उत्तक के प्रकार

उपकला ऊतक (Epithetial Tissue)
संयोजी ऊतक (Connective Tissue)
पेशी ऊतक (Muscular Tissue)
तंत्रिका ऊतक (Nervous Tissue)

ऊतक किसे कहते हैं पौधों में उत्तक कितने प्रकार के होते हैं?

कोषिकाओं का वह समूह जिसकी उत्पत्ति, संरचना तथा कार्य समान होते हैंऊतक कहलाते हैं। पौधों पर निर्भर रहते हैं (परपोषी)। होती हैं। आकृति में गोलाकार, अंडाकार, बहुभुजी या आयताकार हो सकती है।

वसा ऊतकों के कार्य क्या है?

वसा ऊतक ऊर्जा Homeostasis और Thermoregulation में एक केंद्रीय भूमिका निभाता है । यह विभिंन प्रकार के Adipocytes से बना है, साथ ही Adipocyte पुरोगामी, प्रतिरक्षा कोशिकाओं, Fibroblasts, रक्त वाहिकाओं, और तंत्रिका अनुमानों 

ऊँट का कूबड़ किस ऊत्तक का बना होता है ?

वसामय ऊत्तक

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