मात्रा किसे कहते हैं ?

मात्रा स्वर का ही एक रूप होता है। जो स्वर का ही प्रतिनिधित्व करता है मात्राओं की संख्या ग्यारह होती है। लेकिन दृश्य रूप में मात्राओं की संख्या दश होती है।

हिंदी में मात्रा कितनी होती हैं?

मात्रा स्वर का ही एक रूप होता है। जो स्वर का ही प्रतिनिधित्व करता है मात्राओं की संख्या ग्यारह होती है। लेकिन दृश्य रूप में मात्राओं की संख्या दश होती है।

मात्राएँ कितने प्रकार की होती हैं?

ह्रस्व (4) – अ, इ, उ, ऋ इसे ( । ) चिन्ह के द्वारा दर्शाते हैं। दीर्घ (7) – आ, ई, ऊ, ए, ऐ, ओ, औ इसे (S) चिन्ह के द्वारा दर्शाते हैं।

मात्राएं कैसे बोली जाती है?

लेकिन वास्तव में यह बारहखड़ी होती है. इसको बारहखड़ी इसलिए कहा जाता है क्योंकि इनमें अक्षरों के ऊपर बारह मात्राओं को लगाया जाता है इसलिए इनको बारहखड़ी बोला जाता है

हिन्दी में व्यंजनवर्णो की संख्या कितनी है?

प्रयुक्त देवनागरी लिपि में कुल 52 वर्ण हैं, जिनमें 11 मूल स्वर वर्ण 33 मूल व्यंजन, 2 उत्क्षिप्त व्यंजन, 2 अयोगवाह और 4 संयुक्ताक्षर व्यंजन हैं।

संयुक्त व्यंजन कितने होते हैं?

संयुक्त व्यंजन की हिंदी वर्णमाला में कुल संख्या 4 है। संयुक्त व्यंजन से बने शब्दों के कुछ उदहारण इस प्रकार हैं। क्ष – मोक्ष, अक्षर, परीक्षा, क्षय, अध्यक्ष।

‘कमल’ शब्द मेँ वर्णो की संख्या बताइए।

कमल = क् + अ + म् + अ + ल् + अ वर्णो की कुल संख्या पाँच है। यदि किसी शब्द मेँ अन्तिम ध्वनि ‘अ’ हो तो उसे नहीं गिना जाता है।