कवकों की कोशिका भित्ति किसकी बनी होती है?

कवक की कोशिका भित्ति ‘काइटिन’ (Chitin) नामक यौगिक से बनी होती है। पादप कोशिकाओं की कोशिका भित्ति ‘सेल्यूलोज’ (Cellulose) से बनी होती है।

पोषण के आधार पर कवक चार प्रकार के होते हैं 

1. सहजीवी (Symbiotic) 2. परजीवी (Parasitic) 3. मृतोपजीवी (Saprophyte) 4. सहजीवी (Saprophytes)

कवक किसे कहते है ?

कवक को Fungus या फफूंद भी कहा जाता है | Fungi लैटिन भाषा का शब्द है जिसका अर्थ है छत्रक या मशरूम | Fungi का अध्ययन Mycology कहलाता है | कवक का वैज्ञानिक नाम Fungi है |

आवास के आधार पर कवक दो प्रकार के होते हैं

1. जलीय कवक Aquatic Fungus - जो कवक जल में पाया जाता है जैसे प्लावी पादप शैवाल पर 2. स्थलीय कवक Terrestrial Fungus -जो कवक स्थल पर पाए जाते है जैसे पाईलोबोलास

कवक जाति के आधार पर चार प्रकार के होते है

1. फाइकोमाइसिटीज (Phycomycetes) 2. बेसिडियोमाइसिटीज (Basidiomycetes) 3. एस्कोमाइसिटीज (Ascomycetes) 4. डयुटिरोमाइसिटीज (Deuteromycetes)

कवक की विशेषताएं

जीवन च्रक सरल से जटिल होता है | जाल पटरहित या पटयुक्त होता है | थैलस एक कोशकीय , अमीबीय या तंतुमय कवक | कोशिका संगठन Eukaryotic प्रकार का है |

कवक के आर्थिक महत्व

अधिकांश Fungi प्राकृतिक रूप से अत्यंत उपयोगी हैं । Aspergillus, Penicillium जैसे कवकों का उपयोग पनीर बनाने में होता है. Yeast का उपयोग Alcohol Industry में किया जाता है.

कवक के हानिकारक महत्त्व

दैनिक जीवन में उपयोग में आनेवाले कई प्रकार की वस्तुओं जैसे-कपड़ा, चमड़े, कागज, लकड़ी (Cloth, Leather, Paper, Wood) आदि को कवक नष्ट कर देते हैं.

कवक मूल किसका उदाहरण है?

कवक मूल में पौधे और कवक दोनों को लाभ होता है। इसलिए, यह सहोपकारिता का एक उदाहरण है।

कवक में जनन कैसे होता है?

कवक में अलैंगिक प्रजनन होता है. इस क्रिया में कवक-जाल के टुकड़े अलग-अलग हो जाते हैं और उनमें पुन: वृद्धि होती है.